अभय सिंह राठौड़, लखनऊ: स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ ने नवोदय विद्यालय के जूनियर क्लर्क और लैब अटेंडेंट भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ के जरिये से नकल कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है। एसटीएफ ने गिरोह के सरगना समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए आरोपियों की पहचान प्रयागराज निवासी व गिरोह के सरगना सूरज मौर्या, सदस्य शम्भूनाथ प्रजापति, अरविन्द कुमार, रितेश मौर्या, हरिकेश यादव, शिवम सिंह और वाराणसी निवासी अंजली मौर्या के रूप में हुई है।दरअसल एसटीएफ को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि प्रयागराज में कुछ परीक्षा केंद्रों पर ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल कराई जा रही है। सूचना के आधार पर सेंट मेरी कॉन्वेंट स्कूल, स्प्रिंगर पब्लिक स्कूल फाफामऊ और रिंग रोड कान्हा पार्किंग सरायइनायत से 7 आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। इस दौरान नकल के लिए प्रयुक्त 9 ब्लूटूथ डिवाइस, 5 सिम कार्ड, 4 मोबाइल फोन, एडमिट कार्ड, 4 आधार कार्ड, 3 ओएमआर शीट, 11 एडमिट कार्ड, पैन कार्ड, नकदी और 4 प्रश्न पत्र बरामद हुए है।
प्रत्येक परीक्षार्थी से 10 लाख रुपये की वसूली
पूछताछ में सरगना सूरज मौर्या ने बताया कि वह अपने भाई और अन्य परीक्षार्थियों को पहले दिन ही से लैस कर परीक्षा केंद्रों में बैठाता था। जैसे ही परीक्षाएं शुरू होती बच्चा यादव प्रश्नपत्र को व्हाट्सएप पर भेज देता था। इसके बाद उस प्रश्नपत्र की उत्तरकुंजी तुरंत तैयार कर ली जाती थी और परीक्षार्थियों को सुनाई जाती थी। इस काम के एवज में प्रत्येक परीक्षार्थी से 10 लाख रुपये लिए जाते थे। सूरज मौर्या ने यह भी स्वीकार किया कि वह पूर्व में ग्राम पंचायत अधिकारी, PET, ट्रिपल-सी, रेलवे और में भी इसी तरीके से नकल करवा चुका है। गिरोह का नेटवर्क दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल और सहित कई राज्यों में फैला है।from https://ift.tt/a6MFSjW
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