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Saturday, 5 July 2025

डोनाल्ड ट्रंप से नाराज एलन मस्क के तेवर 'बिग ब्यूटिफुल बिल' पास होते ही बदल गए! अब कर रहे तारीफ

नई दिल्ली: डोनाल्ड ट्रंप के 'बिग ब्यूटिफुल बिल' से नाराज होकर अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाने की बात कह चुके के तेवर, ट्रंप के बिल पर हस्ताक्षर करते ही बदल गए हैं। अब अलग पार्टी, जिसे उन्होंने ' पार्टी' कहा था, को बनाना तो दूर, इससे उलट राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ कर रहे हैं। टेस्ला के सीईओ एलन मस्क और अमेरिका के राष्ट्रपति के बीच पहले अनबन हुई, फिर मस्क ने ट्रम्प की तारीफ की। मस्क ने ट्रम्प के "वन " की आलोचना की थी, लेकिन बाद में उनकी अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की सराहना की। ट्रम्प ने गाजा में युद्धविराम और अन्य वैश्विक संघर्षों को हल करने के प्रयास किए हैं। मस्क के इस बदलाव ने सबको हैरान कर दिया है।एलन मस्क ने पहले ट्रम्प के चर्चित और विवादित बिल का विरोध किया था। उनका कहना था कि इससे अमेरिका पर बहुत ज़्यादा कर्ज़ हो जाएगा। मस्क ने तो यहां तक कह दिया था कि अगर यह बिल पास हुआ तो वे अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी बना लेंगे। लेकिन अब मस्क, ट्रम्प की विदेश नीति की तारीफ कर रहे हैं। मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "जिसका क्रेडिट बनता है, उसे देना चाहिए।" उन्होंने यह भी कहा कि ट्रम्प ने दुनिया भर में कई गंभीर विवादों को सुलझाया है। यह बात 'द हिल' नामक रिपोर्ट में कही गई है।

ट्रंप ने इजरायल से युद्धविराम के लिए समझौते कराए

ट्रम्प ने हाल ही में घोषणा की थी कि उनकी टीम ने इजरायल से गाजा में 60 दिनों के युद्धविराम के लिए ज़रूरी समझौते करा लिए हैं। इसके बाद ही मस्क ने ट्रम्प की तारीफ की है। ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया साइट ट्रुथ सोशल पर लिखा, "मेरे प्रतिनिधियों ने आज गाजा पर इजरायल के साथ एक लंबी और उपयोगी बैठक की। इजरायल 60 दिनों के युद्धविराम को अंतिम रूप देने के लिए ज़रूरी शर्तों पर सहमत हो गया है। इस दौरान हम युद्ध को समाप्त करने के लिए सभी पक्षों के साथ काम करेंगे।" उन्होंने यह भी लिखा, "कतर और मिस्र, जिन्होंने शांति लाने में बहुत मेहनत की है, इस अंतिम प्रस्ताव को पेश करेंगे। मुझे उम्मीद है कि मध्य पूर्व की भलाई के लिए हमास इस समझौते को स्वीकार करेगा।"'द हिल' की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रम्प जनवरी में व्हाइट हाउस लौटने के बाद से कई अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को हल करने की कोशिश कर रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रम्प प्रशासन ने रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध में भी शांति समझौता कराने की कोशिश की है। ट्रम्प ने इजरायल और ईरान के बीच 12 दिनों तक चले सैन्य संघर्ष को भी खत्म करवाया। उन्होंने तेहरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी सैन्य हमले का आदेश दिया था। इसके बाद, प्रशासन ने रवांडा और कांगो के बीच पूर्वी कांगो में लड़ाई को खत्म करने के लिए एक शांति संधि भी करवाई।

मस्क पर कहीं ट्रंप की धमकी का तो नहीं असर?

ट्रम्प के समर्थकों ने उन्हें कई अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को सुलझाने के प्रयासों के लिए नोबेल शांति पुरस्कार के लिए भी नामांकित किया है। हालांकि ट्रम्प ने पिछले महीने ट्रुथ सोशल पर लिखा था कि उन्हें इस पुरस्कार की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा, "मुझे नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलेगा, चाहे मैं कुछ भी कर लूं, जिसमें रूस/यूक्रेन और इजरायल/ईरान शामिल हैं, चाहे जो भी परिणाम हो, लेकिन लोग जानते हैं, और वही मेरे लिए मायने रखता है!"एलन मस्क का ट्रम्प के प्रति बदला हुआ रवैया लोगों को हैरान कर रहा है। पहले उन्होंने ट्रम्प की नीतियों का विरोध किया, लेकिन अब वे उनकी कूटनीति की सराहना कर रहे हैं। जब मस्क ने नई पार्टी बनाने की चेतावनी दी थी, तभी ट्रंप ने कहा था कि, मस्क को बोरिया-बिस्तर समेटकर वापस दक्षिण अफ्रीका जाना पड़ेगा। सवाल है कि कहीं इसी धमकी ने तो कहीं मस्क को अपने तेवर नरम करने के लिए मजबूर नहीं किया?


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